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BREAKING NEWS: सहारनपुर के शाकुम्भरी जंगल में वन्यजीव के अवशेष मिलने से सनसनी — ग्रामीणों में भारी रोष, वन विभाग पर गंभीर सवाल

जंगल में फिर खून! शाकुम्भरी रेंज बना शिकारियों का सेफ ज़ोन? वन्यजीवों के अवशेष मिलने से सनसनी, ग्रामीणों में उबाल

🚨 जंगल में फिर खून! शाकुम्भरी रेंज बना शिकारियों का सेफ ज़ोन? वन्यजीवों के अवशेष मिलने से सनसनी, ग्रामीणों में उबाल 🚨

सहारनपुर | शिवालिक वन प्रभाग — सहारनपुर के शाकुम्भरी रेंज क्षेत्र से एक बार फिर ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम बड़कला के नजदीकी जंगल में वन्य जीव के क्षत-विक्षत अवशेष मिलने से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात जंगल की ओर से गोलियों जैसी आवाजें सुनाई दी थीं, जिसके बाद सुबह जब कुछ लोग जंगल की तरफ गए तो वहां बिखरे पड़े अवशेष देख कर सन्न रह गए। इस घटना ने यह आशंका मजबूत कर दी है कि क्षेत्र में सक्रिय शिकारी गिरोह बेखौफ होकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं।

घटना की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों के लोग मौके की ओर उमड़ पड़े। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि शाकुम्भरी रेंज में पहले भी वन्यजीव शिकार के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई के अभाव में शिकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। सूचना मिलते ही बजरंग दल के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जंगलों में नियमित गश्त और निगरानी की कमी साफ दिखाई देती है, जिससे असामाजिक तत्वों को मौका मिल रहा है।

इसी बीच क्षेत्र में पुराने आरोप भी फिर चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि पूर्व में भी शाकुम्भरी रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सचिन कुमार पर शिकार से जुड़े मामलों में लेन-देन कर प्रकरणों को दबाने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बार-बार सामने आती घटनाओं ने ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के मन में गंभीर शंका जरूर पैदा कर दी है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी बजरंग दल द्वारा जिलाधिकारी बेहट को ज्ञापन सौंपकर शिकार माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। बावजूद इसके हालात में ठोस सुधार नजर नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगलों में गोलियां चलती हैं, वन्यजीव मारे जाते हैं और उनके अवशेष खुले में मिलते हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी तंत्र कमजोर पड़ा है।

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि शिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, पूरे क्षेत्र की विशेष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और शाकुम्भरी रेंज में हाई अलर्ट गश्त लागू की जाए। अब सबकी नजर प्रशासन और वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि क्या इस बार शिकारी गिरोह पर सख्त शिकंजा कसेगा या मामला फिर कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा।

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ | ब्यूरो चीफ – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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